Latest News

Search This Blog

Showing posts with label God. Show all posts
Showing posts with label God. Show all posts

Tuesday, September 6, 2016

हिन्दुओ के हजारो तीर्थ स्थल है, किन्तु धाम केवल चार है क्यों?

Hello My friends, me hu Mahendra Sangawa or Aap sab dosto ke liye laya hu ek nyi jaankari jise me yha post kar rha hu ek baar read kre. Or Hume comment krke btaye ki aapko hmari post kesi lgi or acchi lge to a age share bhi kre            THANKS 
हिन्दू धर्म में चार पवित्र वेद:- त्र्रगवेद, यजुर्वेद, सामवेद, अथर्थवेद हैं। ये चारों वेद हिन्दू संस्कृति के आधार है।
ब्राम्हण, क्षत्रिय, वैश्य और शुद्र ये चार वर्ण है। चारों वर्णो की दिनचर्या का विभाजन चार भागों मे किया गया है। जिन्हे आश्रम कहतें हैं। ये चार आश्रम हैं:- ब्रम्हाचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और सन्यास।
दिशाएँ भी चार हैं। इन चारों दिशाओं में हिन्दुओं के चारों धाम स्थापित हैं। उत्तर मे बद्रीनाथ, दक्षिण में रामेश्वरम, पूर्व में जगन्नाथ धाम, पश्चिम में द्वारिका। ये चारों धाम चार वेदों के प्रतिक हैं। 
बद्रीनाथ धाम यजुर्वेद का, रामेश्वरम त्र्रगवेद का, जगन्नाथ अथर्ववेद का, द्वारिका सामवेद का प्रतिक हैं।
याद रहें हमारा उद्धेश्य किसी भी धर्म को ठेस या हानि पंहुचाना नही हैं। यह सिर्फ जानकारी मात्र है।


Every Day New Updates ke Liye Hmara Facebook Page Like kre Click Here.......



Monday, September 5, 2016

गणेशजी सबसे बङे गुरु, वे 5 शिक्षाएं, जो हमें गणेशजी देते है।

Hello my friends, I am Mahendra Sangawa. Me aap sab ke liye laya hu Ganesh Chaturthi and Teàchers day special post last tak read kre or comment krke btaye aapko hmari post kesi lgi . Thanks
गणपती सिर्फ़ देवता नहीं, बल्कि सर्वोच्च पद है। वे सबसे बङे शिक्षक हैं। उनका जीवन चरित्र हमें बहुत कुछ सिखाता है।
वे 5 शिक्षाएं, जो हमें गणेशजी देते हैं-
1- माता- पिता को संसार के बराबर माना.....
     इसलिए, देवों में प्रथम पूज्य बने.....
मां पार्वती- पिता शिव ने कहा जो पृथ्वी का पहले चक्कर लगाकर आयेगा उसे ऐसा फल देंगे जिससे अथाह ज्ञान मिलेगा। कार्तिकेय तेजी से विश्व के चक्कर पर निकल गए। गणेशजी ने माता- पिता की ही परिक्रमा लगा ली।
2- गलतियों को क्षमा करेंगे तो ऊंचा उठेंगे.....
    इसलिए, विशाल ह्रदय के........
अपनी सुंदरता के घमंड में चंद्रमा भगवान गणेश का आकार देखकर हंस पङे तो गणेशजी नाराज हो गए। श्राप दिया- चांदनी कालिमा मे बदल जाएगी। अपनी भूल पर चंद्रमा ने माफी मांग ली, गणेशजी ने क्षमा कर दिया।
3- आरंभ वही सही जो अंत तक पहुंचे.....
       एकदंत हो गए..............
गणेशजी ने ही महाभारत लिखी। एक शर्त पर कि लिखने बैठेंगे तो रुकेंगे नही। वेद व्यास की शर्त- बिना समझे लिखोगे नहीं। अचानक उनकी कलम टूट गई। गणेशजी ने अपना एक दांत तोङा और उसी से लिखने लगे।
4- सुनो, सुनने से ही सब होगा......
     इसलिए आकार ऐसा......
कान बङे है। अनाज साफ करने के सूप की तरह। जैसे अन्न में से दूषित तत्वों को फटककर दूर कर दिया जाता हैं। वैसे ही वे बुरी बातों को पहले ही दूर करने की प्रेरणा देते हैं। आंखे छोटी हैं, जो एकाग्रता बनाने का संकेत देती हैं।
5- जिसे कोई न अपनाए, उसे अपनाओ.......
     इसलिए, वाहन भी छोटा........
त्र्रषि पाराशर के आश्रम के उत्पाती मूषक को पकङ लेने के बाद मूषक ने गणेशजी से वर मांगने की बात की। गणेशजी ने मूषक से वाहन बनने को कहा। मूषक उनका भार सह नहीं पाया और क्षमा मांग ली। गणेशजी ने क्षमा दी व मूषक को स्वीकार कर लिया।
           ये गुरू, इसलिए भारत विश्व गुरु
दुनिया में सिर्फ भारत ही ऐसा देश जहां शिक्षक बनने के लिए इन्होंने सम्राट पद तक त्यागा।
1- चाणक्य- राजनिति- अर्थशास्त्र के प्रकांड पंडित, साधारण बालक को सम्राट बना दिया। विचार को व्यवहार में बदलने की सीख दी।
2- विष्णु शर्मा- पंचतंत्र के रचियता। तीन मुर्ख राजकुमारो को योग्य प्रशासक बना दिया।
3- आर्यभट्ट- महान गणितज्ञ और खगोल शास्त्री।
4- आदि शंकराचार्य- देश मे शास्त्रार्थ परंपरा शुरु की। जीवन मे तर्क को प्रमुख रखा। 4 पीठों की स्थापना की।
5- कबीर- संत व कवि। सरल दोहों के जरिए सामाजिक जीवन की कुरीतियों पर कटाक्ष किया।
6- सिद्धार्थ- समस्त राजसी वैभव को छोङकर ज्ञान के निकल गये। बुद्ध कहलाए। सिखाया- प्रशन पूछो, और उत्तर के लिए घूमो।
7- वर्धमान- तप किया। महावीर कहलाए। बताया- मनुष्य हो तो करुणा दिखाओ। अंहिसा का मार्ग दिखाया।
8- अशोक- महानतम सम्राट। सम्पुर्ण भारत को एक किया। कलिंग युद्ध के बाद जीवन बुद्ध की शिक्षाएं पहुंचाने में लगाया।


हमारी पोस्ट आपको कैसी लगी कमेंट करके जरुर बतायें। हमारे फेसबुक पेज को लाइक कीजिये और हमेशा की नयी जानकारियां पायें। Click here to like my fb page
Whatsapp पर Updates पाने के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करकें अपने नंबर Message करें।

Recent Post